सुप्रीम कोर्ट के इसी रुख के बाद आयोग ने 14 फरवरी की पुरानी समयसीमा को रद्द कर नई तारीखों का ऐलान किया है
कोलकाता। विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के प्रकाशन को लेकर नया शेड्यूल जारी कर दिया है। विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत अब राज्य की अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी। यह महत्वपूर्ण निर्णय राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार अग्रवाल की दिल्ली में केंद्रीय चुनाव आयोग के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद लिया गया है। इस फैसले से साफ है कि अब चुनाव की तारीखों का ऐलान भी मार्च के पहले सप्ताह तक खिंच सकता है। दरअसल, सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची की स्क्रूटिनी और पारदर्शिता को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया था। शीर्ष अदालत ने आयोग को सात दिनों का अतिरिक्त समय देने की अनुमति दी ताकि मतदाता सूची में नाम जोडऩे या हटाने से जुड़े विवादों का निपटारा सही ढंग से हो सके।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम मतदाता सूची पर निर्णय लेने का सर्वाधिकार केवल इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर के पास होगा और इसमें माइक्रो ऑब्जर्वर की भूमिका हस्तक्षेप वाली नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट के इसी रुख के बाद आयोग ने 14 फरवरी की पुरानी समयसीमा को रद्द कर नई तारीखों का ऐलान किया है। नए कार्यक्रम के अनुसार, मतदाता सूची से जुड़े दावों और आपत्तियों पर सुनवाई की प्रक्रिया अब 14 फरवरी तक जारी रहेगी। इसके बाद, अगले एक सप्ताह यानी 21 फरवरी तक सभी दस्तावेजों की सघन जांच की जाएगी। सभी प्रविष्टियों के सत्यापन के बाद, 28 फरवरी को अंतिम सूची जारी होगी।
राज्य के सीईओ मनोज अग्रवाल ने पहले ही आयोग को पत्र लिखकर अतिरिक्त समय की मांग की थी, ताकि जमीनी स्तर पर किसी भी तकनीकी त्रुटि या राजनीतिक विवाद की गुंजाइश न रहे। अब सबकी नजरें 28 फरवरी पर टिकी हैं, जिसके बाद ही राज्य में चुनावी बिगुल बजने का रास्ता साफ होगा।